Wednesday, June 26, 2024
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    भारत में वीजा प्रक्रिया में हो रही देरी से अवगत है अमेरिकी सरकार

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन भारत में वीजा आवेदन के कार्य में होने वाली देरी से अवगत है और वह इन वीजा आवेदन के दिक्कतों के संबंध में उचित प्रकार से मांग पूरा करने पर काम कर रहा है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन ज्यां-पियरे ने अपने दैनिक प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि मैं कहना चाहूंगी कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का प्रशासन की इस बात पर नजर है. ज्यां-पियरे से यह जवाब तब आया जब एक पत्रकार द्वारा भारत में अमेरिकी मिशन में वीजा आवदेन पर एक हजार दिन से ज्यादा का समय लगने पर सवाल किया गया था.

    ज्यां-पियरे ने आगे कहा, ‘‘हालांकि इसमें बहुत सुधार किया जा चुका है, जैसा कि आप जानते हैं क्योंकि आप इस पर बहुत सी वीजा संबंधित समाचार को कवरेज दे रहे हैं. वैश्विक महामारी के चलते अनेक पाबंदियों और कर्मचारियों की कमी थी, परन्तु अब इस प्रकार की चुनौतियों से धीरे-धीरे उबर रहे हैं. हम लगातार अब भी इन वीज़ा सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा, ‘‘ हम इस पर निरंतर काम करना जारी रखेंगे. हम वीजा हेतु इण्टरव्यू में लगने वाले समय को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. हमने इस कार्य को गति देने के लिए अमेरिकी विदेश सेवा कर्मियों की भर्ती को दोगुना कर दिया है. और वीजा प्रक्रिया में अपेक्षा से अधिक सुधार हुआ है और इस वर्ष वैश्विक महामारी से पहले के स्तर पर पहुंच जाएगी.”

    इस सप्ताह की आरम्भ में राष्ट्रपति द्वारा गठित एक आयोग ने राष्ट्रपति जो बाइडन को भारत जैसे देशों में वीजा आवेदनों में प्रतीक्षा अवधि को घटा कर दो से चार सप्ताह तक करने हेतु विदेश मंत्रालय को एक ज्ञापन जारी करने पर विचार करने की सिफारिश की थी. गैर-आप्रवासी वीजा, आगंतुक वीजा (बी1/बी2), छात्र वीजा (एफ1/एफ2) और अस्थायी कर्मचारी वीजा (एच, एल, ओ, पी, क्यू) के आवेदन भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल सहित कई एशियाई देशों व प्रशांत द्वीपों के दूतावासों में लंबे समय से उम्मीद से ज्यादा धीमी प्रक्रिया होने के कारण लंबित हैं. भारत में तो वीजा आवेदन प्रक्रिया पूरी होने में 1000 से अधिक दिन तक का समय लग रहा है, जिससे अमेरिका और विदेशों में एशियाई अमेरिकी व प्रशांत द्वीप वासी (एएपीआई) के परिवारों के साथ ही छात्रों, उद्योगपतियों और आगंतुकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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