Sunday, June 23, 2024
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    कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, सेना के पराक्रम और शौर्य की जानें इतिहास और महत्व

    आज कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई 1999 का वो दिन जो भारतीय सेना के पराक्रम और शौर्य की अमिट गाथा को दर्शाते है. कारगिल विजय दिवस विश्व के सबसे कठिन युद्धों की सूची में अंकित है आज ही के दिन भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी. इस वर्ष कारगिल विजय दिवस की 23वीं वर्षगांठ है आज के दिन पूरे भारत वर्ष में विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित कर शहीदों के बलिदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है.

    कारगिल एक स्थान विषेश का नाम है जो केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख की संयुक्त राजधानी है. ये वही स्थान है,जहां पर पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकियों ने मई 1999 में घुसपैठ की थी. परन्तु भारतीय सैनिकों ने अपने साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए पाकिस्तानी सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए थे.

    कारगिल विजय दिवस ही वह दिन है जब भारतीय सेना ने उन सभी चौकियों को पाकिस्तान से वापस छीन लिया था. जिन पर उसने कब्जा जमाया हुआ था. यह युद्ध कुल 60 दिनों तक चला था. 1999 में आज ही का दिन था जब भारतीय सेना ने दुश्मन को खदेड़ कर कारगिल की पहाड़ी पर तिरंगा लहराया था।

    इसी विजय के दिन को ‘कारगिल विजय दिवस’ के रूप में बलिदान हुए शहीद सैनिकों के सम्मान में मनाया जाता है, जो भारत माता की सेवा करते हुए अपने प्राणों की अहुति दी. प्रत्येक वर्ष देश के प्रधान मंत्री दिल्ली में इंडिया गेट पर ‘अनन्त लौ’, अमर जवान ज्योति पर सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि देते हैं. 

    ‘कारगिल विजय दिवस’ के इस अवसर पर संपूर्ण देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षा मंत्री और तमाम केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने आपरेशन विजय को स्मरण करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। वहीं सोशल मीडिया पर भी #OperationVijay और Kargil Vijay Diwas 2022 ट्रैंड कर रहा है। लोग Kargil Vijay Diwas की बधाई देने के साथ ही शहीदों को भी याद कर रहे हैं।

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