Friday, June 14, 2024
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    8वें वेतन आयोग के आधार पर नहीं, अब कार्य के बेहतर प्रदर्शन के अनुसार होगी केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन वृद्धि

    केंद्रीय कर्मचारियों को प्रतीक्षा है कि आठवें वेतन आयोग गठित हो। परन्तु आशा करना सही नहीं है, क्योंकि भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि एक और वेतन आयोग का गठन करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। अर्थात अब वेतन आयोग की प्रासंगिकता उतनी नहीं है। सरकार एक नई व्यवस्था पर काम कर रही है जिसमें कर्मचारियों का वेतन उनके प्रदर्शन के हिसाब से बढ़े। इसके लिए Aykroyd फॉर्मूला के आधार पर सभी भत्तों और वेतन की समीक्षा की जा सकती है।

    केन्द्र के सभी कर्मचारियों के वेतन में परिवर्त करने हेतु प्रत्येक 10 वर्ष में एक वेतन आयोग का गठन करती है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन तय की जाती है। अब तक सात बार वेतन आयोग  बनाया जा चुका है। देश में पहला वेतन आयोग  जनवरी 1946 और सातवां वेतन आयोग फरवरी, 2014 को गठित हुआ था। फिलहाल 8वां वेतन आयोग गठित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

    पंकज चौधरी पहले ही कह चुके हैं कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिए जाने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा के लिए एक और वेतन आयोग का गठन करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। परन्तु पे मैट्रिक्स की समीक्षा और संशोधन के लिए नवीन व्यवस्था पर काम होना चाहिए। और आगे कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है जो कर्मचारियों की वेतन उनकी प्रदर्शन के आधार पर तय करेगी। उन्होंने कहा Aykroyd फॉर्मूला के आधार पर सभी भत्तों और वेतन की समीक्षा की जा सकती है।

    आगे वित्त राज्य मंत्री ने महंगाई और अन्य भत्ते के सम्बन्ध में बताया कि ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स के आधार पर महंगाई की दर का मूल्यांकन होती है और इसी अनुसार हर 6 महीने में केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता निश्चित किया जाता है।

    इसी बीच केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को डीए का भी बेसब्री से प्रतीक्षा है। इस मसले पर  सरकार जल्दी ही कोई फैसला ले सकती है।

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