Friday, June 14, 2024
More
    होमअंतरराष्ट्रीयप्रधानमंत्री मोदी करेंगे  भारतीय नौसेना के नए झण्डे का अनावरण, देश को...

    प्रधानमंत्री मोदी करेंगे  भारतीय नौसेना के नए झण्डे का अनावरण, देश को मिलेगा आई. एन. एस. विक्रांत

    2 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी भारतीय नौसेना के नए झण्डे का अनावरण करेंगे। इसके अलावा देश का पहला स्वदेशी तकनीक व डिजाइन से निर्मित विमानवाहक  पोत आई. एन. एस. विक्रांत को देश को सौंपेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर के 1 और 2 को दक्षिण भारत के दो राज्यों कर्नाटक और केरल के यात्रा पर रहेंगे। 1 सितंबर को प्रधानमंत्री कलाडी गांव में श्री आदि शंकराचार्य के जन्मस्थान जो कि कोचीन हवाई अड्डे के निकट स्थित है, का दौरा करेंगे।  और इसके उपरान्त 2 सितंबर को प्रधानमंत्री कोच्चि में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में आई. एन. एस. विक्रांत, जो की देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है, उसे शुरू कर नौसेना को सुपुर्द करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी अतीत को पीछे छोड़ते हुए समृद्ध भारतीय समुद्री विरासत के अनुरूप भारतीय नौसेना के नए झण्डे  का अनावरण करेंगे।

    आई. एन. एस. विक्रांत के साथ ही भारत उन गिने चुने देशों के समूह में से एक होगा, जिनके पास अपनी स्वदेशी विमानवाहक पोत के डिजाइन व निमार्ण करने की क्षमता विकसित किए हैं। उसके पश्चात प्रधानमंत्री मंगलुरु में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारम्भ करेंगे। और कुल 3800 करोड़ रुपए की लागत के परियोजनाओं की नींव रखेंगे व शिलान्यास करेंगे।

    आई. एन. एस. विक्रांत पूर्ण रूप से स्वदेशी है, और इसे  भारतीय नौसेना और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने मिल कर बनाया है। आई. एन. एस. विक्रांत बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र का शिपयार्ड है। आई. एन. एस. विक्रांत अबतक के भारतीय समुद्री इतिहास में बनाया गया सबसे बड़ा पोत है, यह उपलब्धि ऐतिहासिक है, जिसे अत्याधुनिक ऑटोमेशन फीचर्स के साथ निर्मित किया गया है। स्वदेशी विमानवाहक का नामकरण भारत के पहले विमानवाहक के स्मरण में उन्हीं के नाम पर रखा गया है, जिन्होने 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    नौसेना के अधिकारियों का कहना है कि 2 सितंबर को भारतीय नौसेना को सेंट जॉर्ज क्रॉस के बिना एक नवीन प्रतीक मिलेगा। 2001 और 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा सरकार ने झण्डे से क्रॉस चिन्ह हटवा दिया था, परन्तु सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली यूपीए ने सत्ता में वापसी करने के पश्चात इसे दोबारा से लगवाया।

    संबंधित आलेख

    कोई जवाब दें

    कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
    कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

    सबसे लोकप्रिय