Wednesday, June 26, 2024
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    उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला, भारी बारिश के चलते चीन सीमा पर वैली ब्रिज धंसा

    पिछले रविवार को कुमाऊं में वर्षा अधिक होने से चीन सीमा पर ट्रक का भार बीआरओ का वैली ब्रिज झेल नहीं पाने के कारण धंस गया। भारवहन भी ब्रिज पर क्षतिग्रस्थ होकर पलटा हुआ है। वहीं चंपावत में किरोड़ा नाला में पानी की मात्रा में वृद्धि हुआ है और बच्चों को पानी के बीच से गुजर कर स्कूल जाना पड़ रहा है।

    सूत्रों के हवाले से पता चला है कि मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने की बात कही गई है। और बीते रविवार को कुमाऊं मंडल में झमाझम बारिश होने के चलते चंपावत जिले का किरोड़ा नाला उफनाये हुए है वहीं किरोड़ा नाले के उफान के कारण पूर्णागिरि मार्ग के तीनों नालों से आवाजाही पूर्णत:  बाधित रहा। पूर्णागिरि धाम की ओर से आने जाने वालों पर भी इसका विशेष प्रभाव पड़ा। सबसे अधिक परेशानी का सामना स्कूल से लौटने वाले छोटे बच्चों को झेलनी पड़ी। तो वहीं पिथौरागढ़ जिले में बीआरओ द्वारा बनाए गये चीनी सीमा का वैली ब्रिज भारी वाहन का भार नहीं झेल पाया और धंस  गया।

    पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा के पास सामान लाद कर ले जा रहे भार वाहन ट्रक का भार उठाने में वैली ब्रिज असमर्थ हुआ और धंस गया। यह घटना गुंजी से आदि कैलास मार्ग पर  नाबी और कुटी के मध्य नहल में हुआ है। कुटी आदि कैलास के बीच आवाजाही प्रभावित है। और बीते रात्रि में बारिश से मलघाट के पास लैंड स्लाइड होने के कारण से तवाघाट से लिपुलेख जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है।

    चीन सीमा पर आदि कैलास मार्ग पर यह बहुत लंबा नहल पुल है, यह बीआरओ द्वारा निर्मित किया गया है, यह पुल पहले से ही हल्का झुका हुआ था और रविवार को जब बीआरओ का भार वाहन कुटी से भार लाद कर नाबी की ओर आ रहा था। वह भार वाहन जैसे ही पुल के संपर्क में आया तो उसके भार की वजह से पुल एक ओर खिसकने लगा और धंस गया। यह पुल अत्यंत महत्वपूर्ण है, और पुल के इस तरह धंसने से बीआरओ की कार्य प्रणाली पर क्षेत्रीय जनता ने प्रश्न उठाने शुरू कर दिये हैं, यह ब्रिज अभी कुछ माह पूर्व ही बना है।

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